टूटा हुआ दिल
1222-1222-1222-122
न जाने आज क्यों है दर्द से दोहरा हुआ दिल,
संभाले से सँभलता ही नहीं टूटा हुआ दिल//1
वफ़ा की राह तो आसां नहीं है, जानता है,
मुहब्बत में तुम्हारी किसलिए शैदा हुआ दिल//2
सुकूँ मिलता है इसको आपकी बाँहों में आकर,
मना ही लीजिए फ़िर आज ये रूठा हुआ दिल//3
ख़िरद की बात इसको रास ही आती नहीं है,
बुलाया जिस किसी ने प्यार से, उसका हुआ दिल//4
सिहर उठता हूँ अब भी याद करके उसके नाले,
मिला था कल मुझे इक़ टूटकर बिखरा हुआ दिल//5
हुआ गर इश्क़ में नाकाम तो किस काम का है,
उठाऊं मैं भला कैसे तेरा फेंका हुआ दिल//6
मैं जब से उस हसीं की राह से लौटा हूँ 'राजन',
तभी से फिर रहा हूँ ढूढता, खोया हुआ दिल//7
✍️
राजन तिवारी 'राजन'
इंदौर (म.प्र.)
7898897777
kapil sharma
19-Mar-2021 06:37 PM
बहुत अच्छा sir
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Rajan tiwari
21-Mar-2021 01:05 AM
जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका
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